भारत का इस्लामीकरण


भारत का इस्लामीकरण 
भारत का इस्लामीकरण 

समय रहते अगर होश में नही आये तो फिर कोई कुछ नही कर पायेगा। भारत मे मुस्लिम तकरीबन ३५ प्रतिशत की वृद्धिदर से बढ़ रहे है। जब की हिन्दुओ की वृधि दर लगभग १९ प्रतिशत ही हैं। इस वृधि दर से भारत का इस्लामीकरण तय हैं। भारत में बिनसंप्रदायीं लोकतंत्र हैं। और यही प्रणाली इसे इस्लामिक देश यानि दारुल इस्लाम बनाएगी २०३० नहीं तो २०५० वरना २०६० तो निश्चित ही। पर अब भी समय हैं कुछ उपाय हैं जिनका हिंदू समुदाय पालन करे तो देश को बचा पायेगा।

कृपया – सोचिये और समझिये – मुसलमान भारत का इस्लामीकरण क्यों करना चाहते हैं ???

जानिये -- क्या सोचते है ये लोग.... 

पाकिस्तान मिलने के बाद मुसलमानों ने नारा दिया :

'' हँस के लिया है पाकिस्तान, लड़ के लेंगे हिन्दुस्तान ''

इसीलिए १९२० ' खिलाफत आंदोलन ' ही भारत में इस्लामी जिहाद जारी है जिसमें प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तानी एवं भारतीय मुसलमान सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

देखिए कुछ प्रमाण :-
  1. हकीम अजमल खां ने कहा ''एक और भारत और दूसरी ओर एशिया माइनर भावी इस्लामी संघ रूपी जंजीर की दो छोर की कड़िया हैं जो धीर-धीरे, किन्तु निश्चय ही बीच के सभी देशों को एक विशाल संघ में जोड़ने जा रही हैं'' (भाषण का अंश खिलाफत कान्फ्रेस अहमदाबाद १९२१, IAR १९९२, पृ. ४४७)
  2. कांग्रेस नेता एवं भूतपूर्व शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद ने पूरे भारत के इस्लामीकरण की वकालत करते हुए कहा-- ''भारत जैसे देश को जो एक बार मुसलमानों के शासन में रह चुका है, कभी भी त्यागा नहीं जा सकता और प्रत्येक मुसलमान का कर्तव्य है कि उस खोई हुई मुस्लिम सत्ता को फिर प्राप्त करने के लिए प्रयत्न करें'' -- बी.आर. नन्दा, गाँधी पेन इस्लामिज्म, इम्पीरियलज्म एण्ड नेशनलिज्म पृ. ११७)
  3. एफ. ए. दुर्रानी ने कहा- ''भारत-सम्पूर्ण भारत हमारी पैतृक सम्पत्ति है उसका फिर से इस्लाम के लिए विजय करना नितांत आवश्यक है तथा पाकिस्तान का निर्माण इसलिए महत्वपूर्ण था कि उसका शिविर यानी पड़ाव बनाकर शेष भारत का इस्लामीकरण किया जा सके।'' (पुरुषोत्तम, मुस्लिम राजनीतिक चिन्तन और आकांक्षाएँ, पृ. ५१,५३)
  4. मौलाना मौदूदी का कथन है कि ''मुस्लिम भी भारत की स्वतंत्रता के उतने ही इच्छुक थे जितने कि दूसरे लोग। किन्तु वह इसकी एक साधन, एक पड़ाव मानते थे, ध्येय (मंजिल) नहीं। उनका ध्येय एक ऐसे राज्य की स्थापना का था जिसमें मुसलमानों को विदेशी अथवा अपने ही देश के गैर-मुस्लिमों की प्रजा बनकर रहना न पड़े। शासन दारूल-इस्लाम (शरीया-शासन) की कल्पना के, जितना सम्भव हो, निकट हो। मुस्लिम, भारत सरकार में, भारतीय होने के नाते नहीं, मुस्लिम हैसियत से भागीदार हों।'' 
  5. (डॉ. ताराचन्द्र, हिस्ट्री ऑफ दी फ्रीडम मूवमेंट, खंड ३, पृ. २८७)
  6. हामिद दलवई का मत है कि ''आज भी भारत के मुसलमानों और पाकिस्तान में भी प्रभावशाली गुट हैं, जिनकी अन्तिम मांग पूरे भारत का इस्लाम में धर्मान्तरण है''। (मुस्लिम डिलेमा इन इंडिया, पृ. ३५)
  7. बंगालदेश के जहांगीर खां ने ''बंगला देश, पाकिस्तान, कश्मीर तथा पश्चिमी बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब व हरियाणा के मुस्लिम-बहुल कुछ भागों को मिलाकर मुगलियास्थान नामक इस्लामी राष्ट्र बनने का सपना संजोया है।'' (मुसलमान रिसर्च इंस्टीट्‌यूट, जहांगीर नगर, बंगलादेश, २०००)
  8. सउदी अरेबिया के प्रोफेसर नासिर बिन सुलेमान उल उमर का कथन है कि ''भारत स्वयं टूट रहा है। यहाँ इस्लाम तेज गति से बढ़ रहा है और हजारो मुसलमान, पुलिस, सेना और राज्य शासन व्यवस्था में घुस चुके हैं और भारत में इस्लाम सबसे बड़ा दूसरा धर्म है। आज भारत भी विध्वंस के कगार पर है। जिस प्रकार किसी राष्ट्र को उठने में दसियों वर्ष लगते हैं उसी प्रकार उसके ध्वंस होने में भी लगते हैं। भारत एकदम रातों-रात समाप्त नहीं होगा। इसे धीरे-धीरे समाप्त किया जाएगा। निश्चय ही भारत नष्ट कर दिया जाएगा।'' (आर्गे; १८.७.०४)।
  9. इसीलिए मुस्लिम धार्मिक नेता मौलाना वहीदुद्‌दीन ने सुझाव दिया कि ''मुसलमानों को कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए और आगे चलकर उनमें से एक निश्चय ही भारत का प्रधान मंत्री हो जाएगा।'' (हिन्दु. टा. २५.१.९६)
  10. पाकिस्तानी जिहादियों का उद्‌देश्य भी अगस्त १९४७ का अधूरा कार्यक्रम पूरा करना है यानी पहले कश्मीर और फिर शेष भारत को इस्लामी राज्य बनाना। इसके लिए न केवल जिहादी संगठनों बल्कि आई.एस.आई. और तालिबान व पाकिस्तानी सेना का भी समर्थन है क्योंकि भूतपूर्व राष्ट्रपति जिया उल हक ने ''पाकिस्तानी सेना को 'अल्लाह के लिए जिहाद' (जिहाद फ़ी सबीलिल्लाह) का 'Motto' या 'आदर्श वाक्य' दिया था। (एस. सरीन, दी जिहाद फैक्ट्री पृ. ३२१)
  11. जिहादियों के उद्‌देश्य को स्पष्ट करते हुए मरकज दवाल वल इरशाद के अमीर हाफिज़ मुहम्मद सईद ने कहाः ''कश्मीर को भारत से मुक्त कराने के बाद लश्करे तायबा वहीं नहीं रुकेगा बल्कि भारतीय मुसलमानों, जिन पर हिन्दुओं द्वारा अत्याचार हो रहे हैं, के सहयोग से आगे जाएगा और उन्हें बचाएगा। कश्मीर तो, असली लक्ष्य भारत तक पहुँचने का दरवाजा है।'' (नेशन, ४.११.१९९८)।
  12. उन्होंने ७.११.१९९८ को 'पाकिस्तान टाइम्स' में लिखाः-- ''आखिर में लश्करे तोयबा दिल्ली, तेल अवीब (इज्राइल) और वाशिंगटन के ऊपर झंडा फहराएगा।''
  13. उन्होंने २७ नवम्बर १९९८ को फिर 'फ्राइडे टाइम्स' में लिखाः-- ''मुस्लिम समाज की सभी समस्याओं का हल जिहाद है क्योंकि सभी इस्लाम विरोधी ताकतें मुसलमानों के विरुद्ध जुट गई हैं। मुजाहिद्‌्‌दीन भारतीय क्रूरताओं, जो कि निरपराधी कश्मीरियों को भयभीत कर रहे हैं; के विरुद्ध जिहाद कर रहे हैं। लश्कर के मुजाहिद्‌दीन, विश्व भर में आजादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।''
  14. इसी लहजे में उन्होंने १८.०८.२००४ को 'निदा ए मिललक्त' में लिखा"-- ''वास्तव में पाकिस्तान तो इस महाद्वीप के मुसलमानों के लिए एक देश है। इसीलिए यह कश्मीर बिना अधूरा है। पाकिस्तान भी हैदराबाद, जूनागढ़ और मुम्बई (महाराष्ट्र) के बिना अधूरा है क्योंकि इन राज्यों ने (१९४७ में) पाकिस्तान में विलय की घोषणा की थी। लेकिन हिन्दुओं के कब्जे से मुक्त कराऐं, और उनकी मुस्लिम आबादी को यह आश्वासन दिया जाएगा कि वे पाकिस्तान के पूर्ण होने के लिए हमारा यह लक्ष्य है। हम भारत में वाणी और कलम से यह उद्‌देश्य प्रचारित करते रहेंगे और जिहाद द्वारा उन राज्यों को वापिस लेंगे।'' (सरीन, वही. पृ. ३१२)
  15. शायद इसीलिए पाकिस्तानी जिहादियों ने २६.११.२००८ को बम्बई पर हमला किया था। साथ ही यह ऐतिहासिक सत्य है कि १९४७ में सभी राज्यों ने स्वेच्छा से भारत में विलय किया था।
  16. जैस_ऐ_मुहम्मद के अध्यक्ष मौलाना "मसूद अजहर", जिन्हें २००० में कंधार में हवाई जहाज में बन्धक बनाए १६० यात्रियों के बदले छोड़ा गया था, ने हाजरों लोगों की उपस्थिति में कहाः ''भारतीयों और उनको बतलाओ, जिन्होंने मुसलमानों को सताया हुआ है, कि मुजाहिद्‌दीन अल्लाह की सेना है और वे जल्दी ही इस दुनिया पर इस्लाम का झंडा महराएंगे। मैं यहाँ केवल इसलिए आया हूँ कि मुझे और साथी चाहिए। मुझे मुजाहिद्‌दीनों की जरूरत है जो कि कश्मीर की मुक्ति के लिए लड़ सकें। मैं तब तक शान्ति से नहीं बैठूंगा जब तक कि मुसलमान मुक्त नहीं हो जाते। इसलिए (ओ युवकों) जिहाद के लिए हिंदु लड़कियों से शादी करो, जिहाद के लिए बच्चे पैदा करो और केवल जिहाद के लिए धन कमाओ जब तक कि अमरीका और भारत की क्रूरता समाप्त नहीं हो जाती। लेकिन पहले भारत।'' (न्यूज ८.१.२०००)
  17. तहरीक_ए_तालिबान के सदर हकीमुल्लाह ने कहाः-- ''हम इस्लामी मुल्क चाहते हैं। ऐसा होते ही हम मुल्की सीमाओं पर जाकर भारतीयों के खिलाफ जंग में मदद करेंगे।' (दै. जागरण, १६.१०.२००९)
भारतीय व पाकिस्तानी मुसलमान पिछले ६२ वर्षों से एक तरफ कश्मीर में हिंसा पूर्ण जिहाद कर रहे हैं जिसके कारण पांच लाख हिन्दू अपने ही देश में शरणार्थी हो गए तथा हजारों सैनिक व निरपराध नागरिक मारे जा चुके हैं; तथा दूसरी तरफ वे शान्तिपूर्ण जिहाद द्वारा भारत सरकार के सामने नित नई आर्थिक, धार्मिक व राजनैतिक मांगे रख रहे हैं।
इनके कुछ नमूने देखिए:---
1- राजनैतिक मांगे :---
  • मुस्लिम व्यक्तिगत कानून का अधिकाधिक प्रयोग एवं सरकारी हस्तक्षेप का विरोध करना, 
  • समान आचार संहिता का विरोध करना, 
  • गैर-कानूनी ढंग से आए बंगला देशी मुस्लिमों की वापिसी का विरोध करना, 
  • बंगलादेशी व पाकिस्तानी नागरिकों को वीसा अवधि समाप्त होने पर भी रुके रहने में सहयोग देना, 
  • पुलिस, सेना व अर्धसैनिक बलों व संवेदनशील विभागों में मुसलमानों को आरक्षण देने की मांग करना, 
  • पाकिस्तान के लिए सेना सम्बन्धी गुप्तचरी करने एवं उसमें सहयोग देना, 
  • पाकिस्तानी आई.एस.आई. की कार्य योजनाओं में सहयोग देना, 
  • जिहादी कार्यों के लिए नशीले पदार्थों की तस्करी करना, 
  • नकली नोटों का प्रसार करना या दूसरों से करवाना, 
  • भारत में राजनैतिक अस्थिरता एवं अलगाववाद पैदा करने के लिए आन्दोलनों में सहयोग देना,
  • म्युनिस्पिल, राज्य एवं संसद के चुनावों में विभिन्न राजनैतिक पार्टियों के सहयोग से मुस्लिम या मुस्लिम हितकारी नेताओं को कूटनीति से वोट डालकर चुनाव में जिताना, और अधिकाधिक राजनैतिक सत्ता एवं आर्थिक लाभ प्राप्त करना, 
  • मुस्लिम वोट बैंक के बदले अधिकाधिक राजनैतिक, धार्मिक व आर्थिक सुविधाओं की मांग आदि आदि।
2:--- मुसलमानों के लिए सरकारी आर्थिक सहायकता व नौकरियों में आरक्षण---
  • मुसलमान युवकों को रोजगार-प्रेरक शिक्षा के लिए मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में सरकारी स्कूल खुलवाना, 
  • उर्दू के विकास के लिए संघर्ष करना, 
  • सामान्य व प्रोफेशनल कॉलेजों में दाखिले के लिए आरक्षण मांगना,
  • स्पर्धा वाली सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष वजीफा व सुविधा आदि मांगना, 
  • सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं में नौकरियों में आरक्षण मांगना, 
  • निजी व्यवसाय खोलने के लिए कम ब्याज दर पर पर्याप्त ऋण पाने की मांग करना आदि।
3:--- धार्मिक कार्यों के लिए आर्थिक सहायता---
  • बढ़ती मुस्लिम जनसंखया के लिए अधिकाधिक हज्ज के लिए सब्सिडी की मांग करना, 
  • मुस्लिम बहुल राज्यों में हज्ज, हाउसों की स्थापना की मांग करना, 
  • मस्जिद, मदरसा, व धार्मिक साहित्य के लिए प्राप्त विदेशी सहायता पर सरकारी हस्तक्षेप का विरोध करना, 
  • उर्दू के अखबारों के लिए सरकारी विज्ञापन एवं धार्मिक साहित्य छापने के लिए सस्ते दामों पर कागज का कोटा माँगना, 
  • मस्जिदों के इमामों के लिए वेतन माँगना, 
  • वक्फ बोर्ड के नाम पर राष्ट्रीय सम्पत्ति पर कब्जा करना एवं सरकारी सहायता मांगना आदि।
4:--- कट्‌टरपंथी इस्लामी शिक्षा का प्रसार---
  • इसके लिए सरकारी सहायता की मांग करना तथा कम्प्यूटर के प्रशिक्षण के बाद इन्टरनेट, ई-मेल आदि से इस्लाम का प्रचार करना; 
  • मदरसों द्वारा धार्मिक कट्‌टरता पैदा करना 
  • अनाधिकृत मदरसों और मस्जिदों में गुपचुप आतंकवाद का प्रशिक्षण देना, 
  • अरबी संस्कृति को अपनाने पर बल देना, 
  • मदरसों में आधुनिक विषयों की शिक्षा को बढ़ावा देने व पाठ्‌यक्रम में सुधार में सरकार के प्रयास पर आपत्ति करना, 
  • मदरसों के प्रबन्धन में किसी भी प्रकार के सरकारी हस्तक्षेप का विरोध करना आदि।
5:--- मुस्लिम जनसंखया- मुस्लिम जनसंखया वृद्धि दर को बढ़ाना ताकि अगले १५-२० वर्षों में वे बहुमत में आकर भारत की सत्ता के स्वतः वैधानिक अधिकारी हो जावें। इसके लिए ---
  • बहु-विवाह करना, 
  • परिवार नियोजन न अपनाना, 
  • हिन्दू लड़कियों का अपहरण करना,
  • धनी, व शिक्षित हिन्दू लड़कियों को स्कूल व कॉलेजों में तथा कार्यालयों में प्रेमजाल में फंसाकर एवं धर्मांतरण कर विवाह करना, 
  • बंगला देश के मुसलमान युवकों को योजनापूर्ण ढंग से भारत में बसाना, उनकी यहाँ की लड़कियों से शादी कराना व बेरोजगार दिलाना, 
  • हिन्दुओं का धर्मान्तरण करना आदि।
6:--- प्रचार माध्यमों पर कब्जा करना—
  • गैर-मुस्लिम लेखकों को आर्थिक व अन्य प्रकार के प्रलोभन देकर इस्लाम हितकारी दृष्टिकोण को पत्र-पत्रिकाओं, प्रचार माध्यमों, रेडियो, टी.वी. आदि में सामग्री प्रस्तुत करना, 
  • फिल्मों में इस्लाम के उदार व मानवीय स्वरूप को प्रस्तुत करना, 
  • उच्च पदों पर मुस्लिम एवं मुस्लिम हितमारी व्यक्तियों को बिठाना, 
  • शोध के नाम पर गैर-मुस्लिमों के प्राचीन इतिहास को विकृत करना, 
  • रक्त रंजित भारतीय मुस्लिम इतिहास को उदार प्रस्तुत करना, 
  • हिन्दुओं की धार्मिक व सामाजिक मान्यताओं की खुले आम निंदा करना, 
  • इसके विपरीत इस्लाम पर खुली बहस की जगह 'जिहाद बिल सैफ' द्वारा इस्लाम के आलोचकों को प्रताड़ित एवं हत्या करना, 
  • हिन्दुओं का खुले आम धर्मान्तरण करने को तो उचित ठहराना परन्तु यदि कोई मुस्लिम लड़का या लड़की स्वतः हिन्दू बन जाए तो उससे संबंधित हिन्दू पारिवारीजनों की हत्या करना आदि।
आश्चर्य तो यह है कि एक तरफ सरकार भारत को सेक्यूलर राज्य कहती है और दूसरी तरफ धर्म के आधार पर मुसलमानों व ईसाइयों को विशेष सुविधाएँ देती है जो पूर्णतया असंवैधितिक है। 
इसके अलावा १५ प्रतिशत भारतीय मुसलमान किसी भी “मापदण्ड” में “अल्पसंखयक” नहीं हैं।

कोंग्रेश ने हमेशा भारत के इसलामीकरण में सहायता की है ...

हिन्दू मंदिरों के संपत्ति की सरकारी लूट : एक तथ्य


हिन्दुओ के मंदिर और उनकी सम्पदाओ को नियंत्रित करने के उद्देश से सन १९५१ में एक कायदा बना – “The Hindu Religious and Charitable Endowment Act
१९५१ ” इस कायदे के अंतर्गत राज्य सरकारों को मंदिरों की मालमत्ता का पूर्ण नियंत्रण प्राप्त है, जिसके अंतर्गत वे मंदिरों की जमीन, धन आदि मुल्यमान सामग्री को कभी भी कैसे भी बेच सकते है, और जैसे भी चाहे उसका उपयोग कर सकते है।

Book of Stephen Knapp: https://www.stephen-knapp.com/crimes_against_india.htm
  • हिन्दुस्तान में हो रहे मंदिरों की संपत्ति के सरकारी दुरुपयोग का रहस्योद्घाटन एक विदेशी लेखक “स्टीफन नाप” Stephen Knapp ने किया। उन्होंने इस विषय में एक पुस्तक लिखी - “Crimes Against India and the Need to Protect Ancient Vedic Tradition” इस पुस्तक में उन्होंने अनेक रहस्यमय तथ्यों को उजागर किया है।
हिन्दुस्तान में सदियों में अनेक धार्मिक राजाओ ने हजारों मंदिरों का निर्माण किया , और श्रध्हलुओ ने इन मंदिरों में यथाशक्ति दान देकर उन्हें संपन्न किया परन्तु भारत की अनेक राज सरकारों ने श्रध्हलुओ की इस धन का अर्थात मंदिरों की संपत्तियो का यथेच्छा शोषण किया, अनेक गैर हिंदू तत्वों के लिए इसका उपयोग किया।

इस घुसपैठी कानून के अंतर्गत श्रध्हलुओ।की संपत्ति का किस तरह खिलवाड़ हो रहा है इसका विस्तृत वर्णन है –
  • मंदिर अधिकारिता अधिनियम के तहत आँध्रप्रदेश के ४३००० मंदिरों के संपत्ति से केवल १८ % दान मंदिरों को अपने खर्चो के लिए दिया गया और बचा हुआ ८२ % कहा खर्च हुआ इसका कोई उल्लेख नहीं !
  • यहां तक कि विश्व प्रसिद्ध तिरूमाला तिरूपति मंदिर भी बख्शा नहीं गया, हर साल दर्शनार्थियों के दान से इस मंदिर में लगभग १३०० करोड रुपये आते है है जिसमे से ८५ % सीधे राज्यसरकार के राजकोष में चले जाता है। क्या हिंदू दर्शनार्थी इसलिए इन मंदिरों में दान करते है की उनका दान हिंदू-इतर तत्वों के काज करने में लगे ?
  • स्टीफन एक और आरोप आंध्र प्रदेश सरकार पर करते है, उनके अनुसार कमसे कम १० मंदिरों को सरकारी आदेश पर अपनी जमीन देनी पड़ी , …….गोल्फ के मैदानों को बनाने के लिए !!!
  • स्टीफन नाप प्रश्न करते है “क्या हिन्दुस्तान में १० मस्जिदों के साथ ऐसा होने की कल्पना की जा सकती है ?”
  • इसी प्रकार कर्णाटक में कुल २ लाख मंदिरों से ७९ करोड रुपये सरकार ने बटोरा जिसमे से केवल ७ करोड रुपयों मंदिर कार्यकारिणियो को दिए गए। इसी दौरान मदरसों और हज सब्सिडी के नाम पर ५९ करोड खर्च हुआ और चर्च जीर्णोद्धार के लिए १३ आख का अनुदान दिया गया। सरकार के इस कलुशीत कार्य पर टिपण्णी देते हुए स्टीफन नाप लिखते है ” ये सब इसलिए घटित होता रहा क्योंकि हिन्दुओ में इस के विरुद्ध खड़े रहने की या आवाज उठाने की शक्ति /इच्छा नहीं थी ”
  • इन तथ्यों को प्रकाशित करते हुए स्टीफन केरल के गुरुवायुर मंदिर का उदहारण देते है, इस मंदिर के अनुदान से दूसरे ४५ मंदिरों का जीर्णोद्धार करने की बात गुरुवायुर मंदिर कार्यकारिणी ने रखी थी, जिसको ठुकराते हुए मंदिर का सारा पैसा सरकारी प्रोजेक्ट पर खर्च किया गया !
  • इन सबसे ज्यादा कुकर्म ओरिसा सरकार के है जिसने जगन्नाथ मंदिर की ७०००० एकड़ जमीन बेचने निकाली है। जिस से सरकार को इतनी आमदनी होना संभव है की जिसके उपयोग से वे अपने वित्तीय कुप्रबंधानो से हुए नुक्सान को भर सके।
  • ये बरसो से अविरत होता आया है, इसका प्रकाशन न होनेकी महत्वपूर्ण वजह है – “भारतीय मिडिया की हिन्दुवीरोधी प्रवृत्ति”भारतीय मिडिया जिसमे अंग्रजीयत कूट कूट के भरी है।
  • इन तथ्यों को उजागर करने में किसी भी प्रकार की रूचि नहीं रखती. अतएव ये सब चलता रहता है … अविरत, बिना किसी रुकावट के !
  • इस धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रित देश में हिन्दुओ की इन प्राचीन सम्पदाओ को दोनों हाथो से लुटाया जा रहा है , क्योंकि राज्य सरकारे हिन्दुओ की अपने धर्म के प्रति उदासीनता को और उनकी अनंत सहिष्णुता को अच्छी तरह जानती है …!!!
परन्तु अब समय आ गया है की कोई हिंदू, सरकार के इस के लूटमार क ेविरुद्ध आवाज उठाये, जनता के धन का (जो की उन्होंने इश्वर के कार्यों में दान किया है), इस तरह से होता सरकारी दुरुपयोग रोकने के लिए सरकार से प्रश्न करे !
स्टीफेन नाप के वेद एवं हिंदु धर्म तत्वज्ञान पर विविध पुस्तकें नीचे दी गई लिंक से जान - पढ़ सकते है :
https://www.stephen-knapp.com/books_by_stephen_knapp.htm


एक गैर-हिंदू विदेशी लेखक को हिन्दुओ के साथ होता धार्मिक भ्रष्टाचार सहन नहीं हुआ, और उसने इन तथ्यों को उजागर किया सार्वजनिक तौर पर, परन्तु लाखो हिंदू इस धार्मिक उत्पीड़नो को हम प्रत्यक्ष सहन करते आ रहे है … क्यों ??? …………………… क्योंकि उनकी आत्माए मर चुकी है !!!

भारत मे मुस्लिम तकरीबन ३५ प्रतिशत की वृद्धिदर से बढ़ रहे है। जब की हिन्दुओ की वृधि दर लगभग १९ प्रतिशत ही हैं। इस वृधि दर से भारत का इस्लामीकरण तय हैं। भारत मे लोकतंत्र हैं और यही प्रणाली इसे इस्लामिक देश यानि दारुल इस्लाम बनाएगी २०३० नहीं तो २०५० वरना २०६० तो निश्चित ही। पर अब भी समय हैं कुछ उपाय हैं जिनका हिंदू समुदाय पालन करे तो देश को बचा पायेगा।
  1. किसी भी कौम को अपना अस्तित्व बनाये रखने के लिए २.१ की निषेचन दर चाहिए। यानि हर गैर मुस्लिम दंपत्ति को ३ बच्चे पैदा करने होंगे अगर मुसलमानों के बराबर आबादी संतुलन रखना हैं।
  2. भारत मे उन हिन्दुओ को भी जिन्हें बहुत आर्थिक समस्या हैं न्यूनतम ३ बच्चे तो परिवार मे करने ही चाहिए। वर्ना सक्षम लोग ४ बच्चे प्रति परिवार करे। वेद मे १० बच्चो तक आज्ञा हैं।
  3. अधिक बच्चे पैदा करने के प्रश्न मे एक मुस्लिम दंपत्ति का उत्तर था “हिंदू जो एक बच्चा याँ २ बच्चा पैदा करता हैं और ये सोचता हैं की डॉक्टर बनायेंगे इंजिनियर बनायेंगे याँ आई ए एस बनायेंगे। और हम ८ बच्चे पैदा करते हैं और हमारा कोई बच्चा साईकिल पंचर जोड़ता हैं कोई पान-मसाला बेचता हैं पर अगले कुछ सालो मे जब हमारी आबादी होगी तो तुम्हारे डॉक्टर इंजिनियर पर हमारा ही शासन होगा।
  4. भाइयो, ये लोकतंत्र हैं यहाँ जिसकी लाठी उसकी भैस का सिद्धांत चलता हैं। डॉक्टर इंजिनियर नहीं पंचर जोडने वालो की सरकार बनेगी। लोकतंत्र मे बहु-संस्कृति तो पनपती है पर इस्लामिक साम्राज्य मे तो लोकतंत्र भी नहीं चल पता। सिर्फ मुल्ला मौलवियो की हुकूमत चलती हैं। दूर क्यों जाए पाकिस्तान का हाल देख लीजिए।
  5. जो बच्चे हो उन्हें वैदिक धर्मं (हिंदू धर्मं) की मूलभूत जानकारी तो दे ही ताकि वे धर्मं निष्ठा बने। सिर्फ आबादी ही काफी नहीं, अगर धर्मं के बारे मे जानकारी ना होगी तो जैसे की आजकल के कथित धर्मनिरपेक्ष लोग हैं यानि हिंदू विरोधी वैसे ही बन जायेंगे।
  6. ४ वेद, ६ शास्त्र, ११ उपनिषद, वाल्मीकि रामायण, संशोधित महाभारत आदि ग्रन्थ उपलब्ध ना हो तो भी एक।' सत्यार्थ प्रकाश ' तो रखिये ही। उस पुस्तक को पढने के बाद हिंदू धर्मं मे निष्ठा अपने आप आजाती हैं।
  7. संगठित रहिये, क्योकि जंगल मे वही जीव बच पाते हैं जो संगठित रहते है। अपने परिवार, मोहल्ला, रिश्तेदार, जाती और धर्मं के नाम पर संगठित रहिये। कमजोरी को ताकत बनाने का यही तरीका हैं। धर्मं के नाम पर एक होइए और विघटन को वर्गीकरण के तौर पर लीजिए।
  8. जातिवाद के विचार रखते हैं तो भी धर्मं को वरीयता दे। जब धर्मं ही नहीं रहेगा तो जाती कहा बचेगी। तो कोई भी जाती हिंदू विरोधी याँ मुसलमानों की तलवे चाटने वाला नेता ना रखे। ये धर्मं से भी द्रोह है और जाती से भी क्यों की धर्मं से जाती है जाती से धर्मं नहीं।
  9. समाज मे धर्मं रक्षा के प्रति जागरूकता फैलाये। भारत का इस्लामीकरण हो रहा हैं और हमे उसे रोकना है ये बात अधिक से अधिक लोगो तक पहुचाये।
  10. भारत का इस्लामीकरण रोकने का एक स्थायी उपाय हैं के भारत को आर्य राष्ट्र/हिंदू राष्ट्र /वैदिक राष्ट्र (या जो कहना चाहे ) बनाये। भारत का संविधान वेदों के आधार पर रखे।
  11. नए हिन्दुवादी दल याँ जब तक कोई खुल के सत्य बोलने वाला दल नहीं आता तब तक हर दल के हिन्दुकरण की निति पर चले। जब कोई वोट मांगने आये चाहे वो किसी भी दल का हो तो उस से पूछिए की क्या वो हिंदू (आर्य) राष्ट्र का समर्थन करता हैं ? अच्छी तरह जांचपरख पर ही उसको वोट दीजिए।
  12. हिंदू संगठनो को आर्थिक रूप से मजबूत करिये क्यों की यही वो राष्ट्रवादी संगठन है जो आपातकल मे अपने लोगो की रक्षा करते हैं।
  13. अरब राष्ट्रवादियो या ईसाइयों का आर्थिक बहिष्कार करिये। जो रहे यहाँ, खाए यहाँ का, पर माने अरब की संस्कृति और भारत को अरब बनाने के लिए आबादी बढ़ाये उनका अर्थ बहिष्कार ही उत्तम उपाय हैं।
  14. मुस्लिम ये जानते हुए बच्चे पैदा करते हैं की इतने बच्चे अच्छा जीवन नहीं जी पाएंगे पर हिंदू उनका पेट पाल ही लेंगे किसी ना किसी तरह। उनकी इस भ्रान्ति को तोडिये। मुस्लिमो को आर्थिक लाभ मत दीजिए। यानि उनकी साईकिल की दुकान से पंचर मत जुड़वाइये, फल की दुकान से फल मत लीजिए।
  15. सभी के साथ ऐसा ना करिये, जो राष्ट्रवाद और भारतीय संस्कृति और भारतीय धर्मं पर पर चलना चाहते हैं याँ चलने को तैयार हो जाते हैं पूरा उनको सहयोग दीजिए।
  16. मैं ये नहीं कह रहा के आप मुस्लिमो से आर्थिक लेन-देन बंद कर दे। आर्थिक लाभ लीजिए पर आर्थिक लाभ न दे।
  17. चमड़े का प्रयोग ना करे या कमसे कम करें। ना केवल इस से आप जीव हत्या और पर्यावरण बचायेंगे। अपितु बड़े मुस्लिम कारोबारियों को जिनकी आस्था भारतीय संविधान से ज्यादा शरिया मे होती हैं आर्थिक नुक्सान पहुचायेंगे। ये अर्थीक बहिष्कार का ही अंग हुआ।
  18. मांसाहार का त्याग करे, पुनः उन्ही कारणों से क्यों की मांस उद्योगमे हिंदू न्यून हैं। हिन्दुओ मे यादव भाई अगर गाय का दूध बेचते हैं तो मुस्लिम उसी गाये का मांस। इसलिए मांस हर हालत में त्यागिये देश धर्मं और समाज के लिए।
  19. इधन और ऊर्जा बचाए। आप के द्वारा इस्तेमाल किए गए पेट्रोल से तेल उत्पादक इस्लामिक देश डॉलर कमाते हैं और वही रकम भारत मे जेहाद और आतंकवाद के लिए खर्च की जाती है। इसलिए पेट्रोल बचाए बिजली बचाए सौर्य उर्जा प्रयोग करे व अन्य प्राकृतिक संसाधन प्रयोग करे।
  20. अपने आस-पास मुस्लिम मत बसाये। वरना आज नहीं कल आपका इलाके का इस्लामीकरण हो जाएगा।
  21. मुसलमानों से मित्रता रखे। उनसे संपर्क ना तोड़े और अच्छे से बात करे। जैसे ये हमसे भाई जान कर के करते हैं। इनसे स्वस्थ चर्चा इस्लाम पर रखे और सत्यार्थ प्रकाश पढ़ने को प्रेरित करते रहे। पर घर के अंदर मत लाइए वरना आज नहीं कल ये आपके आसपास की किसी हिंदू लड़की को लेके भाग जाएँगे।
  22. इनको वापस वैदिक धर्मं मे आने के लिये प्रेरित करें। शुद्धि के लाभ बताये।
  23. मुस्लिम लड़कियों से आर्य (हिंदू) शादी करे।
  24. अगर खुद नहीं कर सकते तो दूसरों को प्रेरित करे जो अविवाहित है। उन्हें रोजगार दीजिए जो मुस्लिम लड़कियों से शादी करते हैं।
  25. अगर कोई हिंदू लड़की किसी मुस्लिम लड़के से लवजिहाद में फसकर शादी करने जा रही है क्या कैसे भी संपर्क मे है तो तुरंत उसके घर वालो को सूचित करे। किसी भी तरह हिंदू लड़की को मुस्लिम लड़के के प्यार के जाल से बचाए।
  26. हिंदू विरोधी मीडिया का बहिष्कार करे। हिंदू विरोधी अखबार को मत ख़रीदे जैसे टाइम्स ऑफ इंडिया, हिन्दुस्थान टाइम्स, दैनिक हिन्दुस्थान इत्यादि। हिंदू विरोधी चैनल जैसे NDTV, आजतक, ABP इत्यादि मत देखिये। दूसरों को भी यही करने को कहिये।
  27. अपने लोगो को काम दीजिए। जो काम विशेष कर मुस्लिम करते हैं वो हिन्दुओ को सिखलाइए और फिर उन्हें काम पर रखिये।
  28. हिंदू राष्ट्र का समर्थन करने वालो का यथा संभव सहयोग करे। यानि तन-मन-धन जैसे हो सके।
  29. भारत की संस्कृति धर्मं को बचाना है तो वैदिक राष्ट्र बनाना हैं। बस यही हमारा नारा हैं |
  30. हिन्दुराष्ट्र के लिये केवल सरकार पर निर्भर रहना ठीक नही है। वर्तमान BJP सरकार हिंदुत्व वादी है लेकिन उनकी भी कुछ मजबूरी है। सत्ता में बने रहने के लिये उन्हें प्रात्यक्षिक सबको साथ मे लेकर चलने के लिये कुछ बिनसंप्रदायींक कदम उठाने पड़ते है। इससे उन्हें अन्य राजनीतिक पार्टी की तरह सत्तालोलुप न समजे। यही हमारी उम्मीद की आखिरी किरणे है।
  31. इसलिये स्वयं दृढ़ प्रतिज्ञ हो जाइये की किसी भी हाल मे हमे भारत को दारुल इस्लाम (इस्लामिक देश) नहीं बनने देना हैं।
धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः। 
तस्माद्धर्मो न हन्तव्यो मा नो धर्मो हतोऽवधीत् ॥
' जो पुरूष धर्म का नाश करता है, उसी का नाश धर्म कर देता है, और जो धर्म की रक्षा करता है, उसकी धर्म भी रक्षा करता है। इसलिए मारा हुआ धर्म कभी हमको न मार डाले, इस भय से धर्म का हनन अर्थात् त्याग कभी न करना चाहिए।’(स० वि० गृहाश्रम प्र०)

जय श्रीराम
वंदे मातरम


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